- *बायो -इनपुट* - *रिसोर्स* *कृषि* .- *सेंटर*
- *नेचुरल* *खेतीको* *बढ़ाने* *लिएखुलेगा**
- नागेश प्रताप सिंह की रिपोर्ट
- अब तक न्याय
उप कृषि निदेशक अशोक कुमार जी ने बताया कि बीआरसी क्लस्टर स्तर का उद्यम होगा, जहां स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक जैव-आदान तैयार किए जाएंगे। इनका उपयोग मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, बीज उपचार, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा पौधों के पोषण को वृद्धि के लिए किया जा सकेगा। ऐसे किसानों को भी इन जैव-आदानों की आपूर्ति की जाएगी, जो स्वयं इन्हें तैयार करने में सक्षम नहीं हैं।
बीआरसी के चयन के लिए उद्यमी, समूह या इकाई का प्राकृतिक खेती से जुड़ा होना अथवा उसके सदस्यों को प्राकृतिक खेती का पूर्व अनुभव होना आवश्यक है। बीआरसी द्वारा अपने खेतों में प्राकृतिक जैव-आदानों का उपयोग किया जाना भी जरूरी होगा।
इसके अलावा केंद्र के पास पशुधन, पौधों पर आधारित जैवमास, गोबर और मूत्र जैसी कच्ची सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। नजदीकी गोशालाओं से गोबर एवं मूत्र की आवश्यक मात्रा की आपूर्ति की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। प्राकृतिक जैव-आदान तैयार करने और तैयार उत्पादों के भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान भी आवश्यक होगा।
इच्छुक एवं पात्र लाभार्थी 03 अक्टूबर 2026 तक कार्यालय दिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उप कृषि निदेशक, बस्ती के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। योजना एवं आवेदन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए उप कृषि निदेशक कार्यालय, बस्ती से संपर्क किया जा सकता हैं।