*अन्नपूर्णा भवन निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप, दीवार और पिलर ढहने से उठे सवाल*
*ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की*
बहराइच। विकासखंड नवाबगंज की ग्राम पंचायत मुरलीधर ददौली में निर्माणाधीन अन्नपूर्णा भवन की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। निर्माण के दौरान बनाई गई दीवार और पिलर एक सप्ताह के भीतर ही भरभराकर गिरने से कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय निवासी टोने चौहान, मस्तराम आर्य, रामनिवास मौर्या, राजेंद्र पासवान, मोटे आदि लोगो ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण में तैयार किए जा रहे मसाले में सीमेंट की मात्रा बेहद कम रखी जा रही है। ईंटों की जुड़ाई में मौरंग का इस्तेमाल भी नहीं किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटों की गुणवत्ता भी खराब है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप कराया जाता तो निर्माण के महज एक सप्ताह बाद ही दीवार और पिलर धराशायी नहीं होते।
ग्रामीणों के अनुसार अन्नपूर्णा भवन के निर्माण के लिए शासन स्तर से करीब आठ लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों की जांच कराया जाना आवश्यक है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है।मामले में ग्राम सभा के सचिव मुकेश वर्मा का पक्ष जानने के लिए फोन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद खंड विकास अधिकारी नवाबगंज से भी तीन-चार बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन भी रिसीव नहीं हुआ।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर अन्नपूर्णा भवन निर्माण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराए जाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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अन्नपूर्णा भवन निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप, दीवार और पिलर ढहने से उठे सवाल*