- *राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट* ..... *चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को क्लीन चिट .... 133 गवाहों में तीनों के नाम*......
*सात आरोपियों से 79.85 लाख बरामद..... बैंक खातों में मिले 98.30 लाख*......
****************************अब तक न्याय*********************************
*अयोध्या..... उत्तर प्रदेश*
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी के बहुचर्चित मामले में अयोध्या पुलिस ने अपनी जांच पूरी करते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में *श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा और सदस्य गोपाल राव* को क्लीन चिट दे दी है। तीनों को आरोपी नहीं, बल्कि इस मामले में गवाह बनाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक चढ़ावे की चोरी का यह खेल लंबे समय से चल रहा था, जिसका पर्दाफाश जून के पहले सप्ताह में हुआ।
पुलिस के अनुसार 3 जून को पहली बार चोरी पकड़ी गई। *गणना कर्मी मदन गोपाल निगम ने अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा* को नोटों की गड्डी छिपाते हुए रंगे हाथ देख लिया। अगले दिन 4 जून को फिर वही कहानी दोहराई गई। *गणना कर्मी संत प्रसाद वर्मा ने अविनाश शुक्ला* को चोरी करते देख लिया। दोनों कर्मचारियों की शिकायत पर मंदिर परिसर के गेट पर सघन चेकिंग शुरू की गई। घबराए *अविनाश शुक्ला ने चोरी किए गए 2 लाख 25 हजार रुपये बाथरूम में छिपा दिए,* जिसे तलाशी के दौरान बरामद कर लिया गया।
चार्जशीट में घटनाक्रम का पूरा ब्योरा है। बताया गया है कि 4 जून की रात जब *चंपत राय* ट्रेन से दिल्ली से अयोध्या आ रहे थे, तभी उन्हें फोन पर चोरी की सूचना और वीडियो भेजे गए। 5 जून को अयोध्या पहुंचते ही उन्होंने कारसेवक पुरम स्थित अपने आवास पर *अनिल मिश्रा और गोपाल राव* के साथ बैठक की और लैपटॉप पर चोरी के कई सीसीटीवी फुटेज देखे।इसके बावजूद 7 जून को *चंपत राय* ने बयान जारी किया कि मंदिर ट्रस्ट और एसबीआई के प्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता है, ऑडिट कई दिनों तक चलता है और तब तक कोई उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है।
मामले ने तूल पकड़ा तो 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट दी और उसके बाद 25 जून 2026 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के *कृष्ण मोहन की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने कृष्ण मोहन मिश्र को ही अपना पहला गवाह बनाया है।चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।*
*अविनाश शुक्ला 85 बार खुद चोरी करता और 4 बार चोरी में मदद करता मिला।करुणेश पांडे 2 बार खुद चोरी और 68 बार चोरी में मदद करता दिखा।मनीष यादव ( रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का भतीजा ) ने 15 अप्रैल से 3 जून के बीच सिर्फ 50 दिन की नौकरी में 16 बार खुद चोरी की और 19 बार मदद की, यानी 35 बार वह वारदात में शामिल रहा।लव कुश मिश्रा 1 बार खुद चोरी और 52 बार मदद में शामिल।अनुकल्प मिश्रा 56 बार चोरी में मदद करते दिखा। रमाशंकर मिश्रा 1 बार चोरी करते मिला।*
जांच में *रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव* की भूमिका भी सामने आई। वह 7 जनवरी 2022 को रिटायर हुआ था और दानपात्र के चढ़ावे को बैंक में जमा कराने की जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसने 25 और 30 मई को *अविनाश* की चोरी में मदद की। उसी के कहने पर सिक्योरिटी गार्ड आरोपियों की चेकिंग नहीं करते थे। ज्यादा रकम चोरी करने के लालच में आरोपियों ने उसे अपने साथ मिला लिया था। *मनीष यादव* को अप्रैल 2026 में नौकरी पर रखने के बाद गैंग ने बड़ी रकम पर हाथ साफ करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने *गिरफ्तार सात आरोपियों के पास से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपए बरामद किए हैं।* वहीं *आठों आरोपियों के बैंक खातों में 98 लाख 30 हजार रूपए जमा होने की पुष्टि हुई है।इस केस में कुल 133वी गवाह बनाए गए हैं। इनमें चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव* के अलावा कोतवाली इंस्पेक्टर, राम जन्मभूमि थाना इंस्पेक्टर, सीओ अयोध्या समेत 27 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने आठों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर विवेचना पूरी कर ली है।