- ज़रूरी सूचना — मौसम की चेतावनी*
- *पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, वाराणसी*
- तारीख: 25.09.2026, रात 10:30 बजे
🔴 *कैटेगरी 1 (सबसे ज़्यादा जोखिम)* — आज रात 11 बजे से 26.09 को दोपहर 2 बजे तकसोनभद्र, मिर्ज़ापुर, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़(सोनभद्र और मिर्ज़ापुर में अभी से; प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में सुबह 3 बजे से दोपहर तक)
🟠 *कैटेगरी 2 (ज़्यादा जोखिम)* — 26.09 को शाम 4 बजे से 27.09 को सुबह 8 बजे तक (भारी बारिश वाला क्षेत्र)महराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, संत कबीर नगर
🟡 *कैटेगरी 3 (अलर्ट)* — 26.09 को दोपहर 12 बजे से आधी रात तकवाराणसी, चंदौली, भदोही, जौनपुर, गाज़ीपुर, आज़मगढ़, मऊ, बलिया
*निर्देश:*1. सभी SE, EE, SDO और JE अपने मुख्यालय पर मौजूद रहें। कैटेगरी 1 वाले ज़िलों में आज रात से ही 24x7 कंट्रोल रूम चलाए जाएँ।2. तेज़ हवाओं (लगभग 50 किमी/घंटा से ज़्यादा), पेड़ या खंभे गिरने, तार टूटने या स्पार्किंग होने पर प्रभावित 11 kV फीडर को तुरंत बंद कर दें। सबस्टेशन ऑपरेटर SDO/JE के निर्देशों का पालन करें। पूरे ज़िले में बिजली बंद नहीं की जाएगी — सिर्फ़ प्रभावित फीडर ही बंद किए जाएँगे।3. पूरी लाइन की जाँच करने और टूटे हुए कंडक्टर, झुके हुए खंभों और शाखाओं को हटाने के बाद ही बिजली बहाल करें। बिना जाँच के बिजली चालू न करें।4. अस्पताल, वॉटर वर्क्स और ज़रूरी सेवाओं वाले फीडर सिर्फ़ आखिरी उपाय के तौर पर ही बंद किए जाएँ और सबसे पहले बहाल किए जाएँ। अस्पतालों को अभी सूचित करें कि वे DG सेट तैयार रखें।5. बिजली कड़कने या तेज़ हवा चलने के दौरान लाइन पर कोई काम न करें। बिजली बहाली का काम शटडाउन/PTW के तहत, अर्थिंग और सुरक्षा उपकरणों के साथ ही किया जाए।6. गैंग, आरी और कुल्हाड़ी, सीढ़ी, अतिरिक्त खंभे, कंडक्टर, इंसुलेटर और ट्रांसफार्मर पहले से ही सही जगह पर तैनात/रखें।7. ज़िला प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्षों के साथ तालमेल बनाए रखें। SMS और सोशल मीडिया के ज़रिए उपभोक्ताओं को अलर्ट करें: गिरे हुए तारों को न छुएँ, 1912 पर सूचना दें।8. बंद किए गए फीडर, कारण, समय और बहाली की जानकारी हर 3 घंटे में HQ कंट्रोल रूम [नंबर] को दें। किसी भी बिजली दुर्घटना की सूचना तुरंत दें।