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सीतापुर में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

तूफान और वर्षा के कारण
सीतापुर में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
कई मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित, धान और गन्ने की फसल को भारी नुकसान
सीतापुर। जनपद सीतापुर में लगातार हो रही तेज बारिश और हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में जगह-जगह पेड़ गिरने से मार्गों पर यातायात बाधित रहा। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि किसान अपनी खड़ी फसल को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
महोली से हमारे संवाददाता प्रद्युम्न सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में करीब 48 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी रहने के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। कई मार्गों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा। बारिश के कारण बड़ी संख्या में लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। खेतों में पानी भरने तथा तेज हवा के कारण धान और गन्ने सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पशु-पक्षी भी लगातार बारिश से प्रभावित दिखाई दे रहे हैं।
मिश्रिख और नैमिष क्षेत्र में जलभराव
मिश्रिख से बृजेश मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश होने के कारण कई इलाके प्रभावित हैं। पर्याप्त जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से अनेक स्थानों पर गलियों और रास्तों में पानी भर गया है। मिश्रिख तथा नैमिष क्षेत्र में भी कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल निकासी की बेहतर व्यवस्था होती तो कई मोहल्लों और गलियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। वहीं मिश्रिख-मछरेहटा-हरदोई रोड पर कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
कमलापुर क्षेत्र में किसानों की बढ़ी चिंता
कमलापुर से हमारे संवाददाता विनय शुक्ला ने बताया कि क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में धान और गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर होती है। तेज हवा और लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर गन्ने की फसल गिर गई है, जबकि धान की फसल भी प्रभावित हुई है।
फसल खराब होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि यदि फसल को भारी नुकसान हुआ तो उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करने की चुनौती खड़ी हो सकती है।
मास्टरबाग-कमलापुर मार्ग पर भी पेड़ गिरने से करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहने की जानकारी दी गई। लगातार बारिश के कारण मास्टरबाग, कमलापुर, सिधौली, अटरिया और कंदुनी क्षेत्र में सामान्य दिनों की अपेक्षा चहल-पहल कम दिखाई दी और लोग अधिकांश समय अपने घरों में ही रहे।
महमूदाबाद में अधिकांश दुकानें बंद, लोग बारिश थमने का कर रहे इंतजार
महमूदाबाद से हमारे संवाददाता सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की चिंता बढ़ गई है। कई मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा।
महमूदाबाद कस्बे में भी बड़ी संख्या में दुकानें बंद रहीं और बाजार में सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम चहल-पहल दिखाई दी। लोग बारिश थमने का इंतजार करते नजर आए। कस्बे के विभिन्न हिस्सों में कुछ स्थानों पर पानी भरने की स्थिति भी सामने आई।
स्थानीय लोगों ने जल निकासी की व्यवस्था को लेकर अपनी परेशानी जाहिर की। उनका कहना है कि कई मोहल्लों में पर्याप्त नालियां अथवा पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा हो जाता है।
फसल नुकसान को लेकर किसानों की नजर प्रशासन पर
लगातार बारिश के बीच किसानों की निगाह अब प्रशासन की ओर है। किसानों को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो खेतों में खड़ी फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से धान और गन्ने की फसल प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
अब देखने वाली बात होगी कि बारिश रुकने के बाद संबंधित विभागों द्वारा फसलों और अन्य नुकसान का कितना आकलन किया जाता है तथा प्रभावित किसानों को नियमानुसार किसी प्रकार की सहायता या मुआवजा उपलब्ध कराया जाता है।
बारिश के बीच राजनीतिक चर्चाएं भी तेज
लगातार बारिश और संभावित फसल नुकसान के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक चर्चाएं भी सुनाई देने लगी हैं। कुछ स्थानीय लोगों और किसानों के बीच यह चर्चा है कि यदि फसल नुकसान का समय पर आकलन और नियमानुसार सहायता नहीं मिली तो इसका राजनीतिक असर पड़ सकता है।
हालांकि, इसका वास्तविक राजनीतिक प्रभाव क्या होगा और प्रशासन की ओर से किसानों के नुकसान के संबंध में क्या कदम उठाए जाएंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
फिलहाल सीतापुर में बारिश का दौर जारी है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में लोग बारिश थमने तथा जलभराव कम होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से नुकसान का वास्तविक आकलन होने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट: अब तक न्याय समाचार पत्र, सीतापुर ब्यूरो एवं संवाददाता नेटवर्क