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Crime

रामनगर कलां पंचायत में जंगली जानवर का आतंक, घर के पास से गाय को बनाया निवाला; ग्रामीणों में दहशत*

ब्यूरोचीफ
*रामनगर कलां पंचायत में जंगली जानवर का आतंक, घर के पास से गाय को बनाया निवाला; ग्रामीणों में दहशत*
*आज तक न्याय/नीरज कश्यप तहसील रिपोर्टर*
*वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल, एक-दो दिन पिंजड़ा लगाकर फिर गायब हो जाने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप*
लखीमपुर खीरी। रामनगर कलां पंचायत के मजरा रामपुर गांव में जंगली जानवर के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, एक बार फिर जंगली जानवर ने गाय को अपना शिकार बना लिया। बताया जा रहा है कि संतराम पुत्र लोटन की गाय को जंगली जानवर ने घर के पास से ही पकड़ लिया। इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल है और लोग अपने घरों के आसपास भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। पिछले एक-दो महीनों के दौरान कई बार मवेशियों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि अब ग्रामीणों को अपने पालतू पशुओं की सुरक्षा की चिंता के साथ-साथ परिवार और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी डर सताने लगा है।
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि घटना होने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचती है और एक-दो दिन के लिए पिंजड़ा लगाकर चली जाती है, लेकिन इसके बाद कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती। कुछ दिनों तक विभागीय सक्रियता दिखाई देती है, फिर हालात पहले जैसे हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार घटनाएं होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक जंगली जानवरों के हमलों का खतरा बना रहेगा? क्या वन विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? जब गांव के घरों के आसपास तक जंगली जानवर पहुंच रहे हैं, तो ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?
ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित निगरानी कराई जाए, जंगली जानवर की गतिविधियों का पता लगाया जाए और जरूरत के अनुसार पिंजड़े तथा अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। साथ ही प्रभावित पशुपालक को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि रामनगर कलां पंचायत के मजरा रामपुर में लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद वन विभाग कब जागेगा? ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा कब मिलेगा और पशुओं पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे?