*सीएचसी में गरमाया विवाद: डॉक्टर पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप, महिला ने दी तहरीर*
*अबतक न्याय/ मो०उवैश मंसूरी*
ऊंचाहार, रायबरेली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊंचाहार में रविवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब बिल्ली के काटने के बाद उपचार और एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंची एक महिला ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पर अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया। महिला ने मामले की शिकायत ऊंचाहार कोतवाली में करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्राम तेवराईन का पूर्वा निवासी श्वेता पांडेय पत्नी अजीत पांडेय के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11 बजे बिल्ली के काटने के बाद वह अपने पति के साथ सीएचसी ऊंचाहार पहुंचीं। महिला का कहना है कि वह एंटी-रेबीज इंजेक्शन और आवश्यक दवा लेने के लिए अस्पताल गई थीं। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर राजेश गौतम से उन्होंने इंजेक्शन और उपचार के संबंध में जानकारी मांगी। श्वेता पांडेय का आरोप है कि बातचीत के दौरान डॉक्टर ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। महिला के मुताबिक, जब उन्होंने और उनके पति अजीत पांडेय ने डॉक्टर के व्यवहार पर आपत्ति जताई तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि इसी दौरान डॉक्टर ने उनके साथ गाली-गलौज की तथा मारपीट करने और जान से मारने की धमकी दी। महिला का यह भी आरोप है कि उन्हें अस्पताल से चले जाने के लिए कहा गया। मामले को लेकर श्वेता पांडेय ने 27 सितंबर को ऊंचाहार कोतवाली में लिखित प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं, डॉक्टर राजेश गौतम ने महिला द्वारा लगाए गए आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है। डॉक्टर का कहना है कि रविवार होने के कारण सीएचसी ऊंचाहार में एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं लगाया जाता है। उन्होंने मरीज को अरखा जाने की सलाह दी थी, क्योंकि वहां रविवार को स्वास्थ्य मेला चल रहा था और उपचार की सुविधा उपलब्ध थी। डॉक्टर के अनुसार, मरीज पक्ष को जब इंजेक्शन उपलब्ध न होने की जानकारी दी गई और अरखा जाने की सलाह दी गई तो वे नाराज हो गए। इसके बाद अस्पताल परिसर में कहासुनी और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। डॉक्टर ने महिला द्वारा लगाए गए अभद्रता और धमकी के आरोपों के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट किया है। पूरे मामले में अब पुलिस की जांच अहम मानी जा रही है। कार्यवाहक कोतवाल सुमित ने शिकायत की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है। पुलिस जांच में दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल महिला की शिकायत और डॉक्टर के पक्ष के बाद मामला जांच के दायरे में है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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सीएचसी में गरमाया विवाद: डॉक्टर पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप, महिला ने दी तहरीर*